दैनिक मनन

  • मसीही भिन्‍न हैं
    मसीही भिन्‍न हैं ‘‘जैसे अन्‍यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो। और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ’’। (इफिसियों 4:17-24)आज हम देखते हैं कि मसीही कहे जाने...

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