दैनिक मनन

  • मनुष्‍य का पुनरूत्‍थान
    मनुष्‍य का पुनरूत्‍थान ‘‘यदि उसी का आत्‍मा जिस ने यीशु को मरे हुओं में से जिलाया तुम में बसा हुआ है; तो जिसने मसीह को मरे हुओं में से जिलाया, वह तुम्‍हारी मरनहार देहों को भी अपने आत्‍मा के...

Quick Navigation

विदाई से संबंधित संदेश PDF Print E-mail
Written by डॉ. अजय लाल/ डॉ. इन्‍दु लाल   
Friday, 28 March 2008 17:26
संदर्भ : उत्‍पत्ति‍ 11:1-8

भूमिकाः- उपरोक्‍त संदर्भ में हम देखते हैं जब लोगों ने बाबुल की मीनार को बनाना प्रारम्‍भ किया तब परमेश्‍वर ने उनकी भाषा में गड़बड़ी डाली और वे तितर-बितर हो गए। बड़ा कठिन समय रहा होगा उस समय एक दूसरे से अलग होना, परन्‍तु यह परमेश्‍वर की योजना थी कि मनुष्‍य जाति पूरी पृथ्‍वी पर फैल जाए और इसके लिए उसने इस घटना को अपनी योजना का माध्‍यम बनाया। सांसारिक दृष्टिकोण से भले ही हमें यह घटना अलगाव दिखाती प्रतीत हो, अपने लोगों से विदाई लेने का समय प्रतीत होती हो परन्‍तु यह परमेश्‍वर की एक बड़ी योजना की पूर्णता थी। आज जब हम अपनी इस प्रिय बेटी की विदाई की इस घड़ी में यहां एकत्र हैं तो इसी घटना के परिप्रेक्ष्‍य में हम विदाई से जुड़ी बातों को देखें।  1. विदाई परमेश्‍वर की दृष्टि में एक मिलन हैः- सांसारिक दृष्टिकोण से यह अवसर भले ही उन लोगों से अलग होने का समय प्रतीत हो जिनके साथ बचपन से लेकर आज तक समय बिताता है परन्‍तु परमेश्‍वर की दृष्टि में विदाई एक मिलन है। यह मिलन है पति पत्नि का, य‍ह मिलन है दो परिवारों का, क्‍योंकि यह समय है जब नए रिश्‍ते जोड़े गए हैं, जब दो नए परिवार एक हो गए हैं और अब जीवन के प्रत्‍येक हालात में एक दूसरे के साथ मिलकर सहभागी होंगे। बाबुल के गुम्‍मट के बनने के समय परमेश्‍वर ने भाषा में गड़बड़ी डालकर लोगों को तितर-बितर किया तो वास्‍तव में उसकी यह योजना थी कि लोग चारों तरफ फैल जाएं, नए देश बनें। वास्‍तव में विदाई एक अलगाव नहीं वरन् मिलन है।

2. विदाई परमेश्‍वर की दृष्टि में नया प्रारम्‍भ हैः- विदाई एक नए परिवार का प्रारम्‍भ है। नए संबंधों का प्रारम्‍भ है। ईश्‍वर की योजना का प्रारम्‍भ है।उत्‍पत्ति‍ 12:1-3 में लिखा है ‘‘यहोवा ने अब्राहम से कहा, अपने देश, और अपनी जन्‍मभूमि, और अपने पिता के घर को छोड़कर उस देश में चला जा जो मैं तुझे दिखाऊंगा। और मैं तुझसे एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा। और जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्‍हें मैं  आशीष दूंगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूंगा; और भूमण्‍डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएंगे।’’  

इब्राहीम का अपनी जन्‍मभूमि छोड़कर जाना परमेश्‍वर की योजना का प्रारम्‍भ था।  जब एक नए परिवार की स्‍थापना हुई है तो विदाई का समय नया प्रारम्‍भ करने का समय है। अवसर है इस बात को प्रारम्‍भ करने का, कि प्रत्‍येक दिन यह नया परिवार प्रार्थना में परमेश्‍वर से संगति करेगा, कि आराधना में प्रत्‍येक सप्‍ता‍ह उसके भवन में उपस्थित होकर उसके लोगों से संगति करेगा, कि प्रत्‍येक माह परमेश्‍वर को अपनी आय का दसवां अंश समर्पित करेगा, कि परिवार में नए मसीही संस्‍कारों का प्रारम्‍भ होगा।  

3. विदाई परमेश्‍वर की दृष्टि में जीवन की एक नई मंजिल हैः- नए परिवार के रूप में अब इस जोड़े पर नई ज़ि‍म्‍मेदारियां हैं। जीवन में अब परिपक्‍वता होना चाहिए क्‍योंकि अब पति पत्नि के रूप में जीवन की एक नई मंजिल है जिसे दोनों को साथ मिलकर तय करना है। इसलिए गलतियों6:2 में लिखा है; ‘‘तुम एक दूसरे के भार उठाओ और इस प्रकार मसीह की व्‍यवस्‍था को पूरी करो।’’    

4. विदाई एक ऐतिहासिक बिन्‍दु हैः- विदाई परमेश्‍वर की योजना में बढ़ाया गया एक और कदम है। मील का पत्‍थर है जहां से हम अतीत देख सकते हैं। जहां से जीवन का एक नया अध्‍याय प्रारम्‍भ होता है। जहां से जीवन एक नया मोड़ लेता है। इस कारण विदाई ऐतिहासिक बिन्‍दु है। 

उत्‍पत्ति‍ 28:18-22 में लिखा है ‘‘भोर को याकूब तड़के उठा, और और खम्‍भा खड़ा किया, और उसके सिर पर तेल डाल दिया और उस ने उस स्‍थान का नाम बेतेल रखा; पर उस नगर क नाम पहिले लूज था। और याकूब ने यह मन्‍नत मानी, कि यदि परमेश्‍वर मेरे संग रहकर इस यात्रा में मेरी रक्षा करे, और मुझे खाने के लिये रोटी, और पहिनने के लिये कपड़ा दे, और मैं अपने पिता के घर में कुशल क्षेम से लौट आऊं: तो यहोवा मेरा परमेश्‍वर ठहरेगा। और य‍ह पत्‍थर, जिसका मैंने खम्‍भा खड़ा किया है, परमेश्‍वर का भवन ठहरेगाः और जो कुछ तू मुझे दे उसका दशमांश मैं अवश्‍य ही तुझे दिया करूंगा।’’   बेतेल याकूब के लिए ऐतिहासिक बिन्‍दु था जहां से उसके जीवन का एक नया मोड़ प्रारम्‍भ हुआ, जो परमेश्‍वर की योजना का ऐतिहासिक बिन्‍दु बना। 

निष्‍कर्षः-  विदाई के इस अवसर पर हम इसे सांसारिक दृष्टिकोण से न देखते हुए परमेश्‍वर की ओर देखें क्‍योंकि विदाई परमेश्‍वर की दृष्टि में;- एक मिलन है।- एक नया प्रारम्‍भ है।- ए‍क नई मंजिल है।- एक ऐतिहासिक बिन्‍दु है।
 
© Copyright 2003 hallelujahindia., All Rights Reserved