| इस अध्ययन का उद्देश्य |
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| Written by डॉ. श्रीमती शीला लाल | |||
| Thursday, 08 July 2010 15:18 | |||
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स्वयं को मसीह और चर्च के प्रति समर्पित करना। चर्च या कलीसियाई परिवार बनाने वाले मुख्य आधार तीन बातों जो हमें कलीसियाई एकता के सूत्र में बांधते है- 1. हमारा उद्धार- (परमेश्वर ने हमारे लिए क्या किया है) 2. हमारी नियोजित कार्यशैली- (विश्वास में जीना, जिसके द्वारा हम प्रेम और एकता के सूत्र में बंधे कलीसिया को स्थायित्व प्रदान करने को तत्पर रहते हैं उसके तहत हम कैसे कार्य करते हैं) 3. हमारा स्वरूप- (हम कौन है, कलीसिया या चर्च क्या है और हम अपने उद्देश्य की पूर्ति में किस प्रकार लगे हैं)
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