| दशंवास द्वारा कलीसिया व लोगों को ऊपर उठाना |
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| Written by डॉ. श्रीमती शीला लाल | |||
| Thursday, 08 July 2010 15:15 | |||
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हमारा स्वरूप - हम कैसे जुड़े हैं ? - हमारे चर्च का स्वरूप क्या है ? - चर्च सदस्य होने का मतलब क्या है ? - एक चर्च सदस्य के रूप में मुझसे क्या अपेक्षायें हैं ? - मेरी चर्च से क्या उचित अपेक्षाये होना चाहिये ?
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