दैनिक मनन

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    चेतावानी देते रहें ‘‘सो चाहे वे सुने या सुनें; तौभी तू मेरे वचन उनसे कहना’’। (यहेजकेल 2:1-10)यहेजकेल के सम्‍बन्‍ध में परमेश्‍वर ने कहा, ‘‘मैंने तुझे इस्राएल के घराने के लिये पहरूआ नियुक्‍त किया...

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खेल पूरा वाक्‍य बनाओ PDF Print E-mail
Written by डॉ. श्रीमती इन्‍दु लाल   
Tuesday, 09 February 2010 12:41

1. मेरी............. ने तेरे उद्धार को देख लिया है। (आंख)

2. यहोवा मेरा .......... है (चरवाहा)

3. यीशु ने कहा......... सत्‍य और .......... मैं ही हूं। (मार्ग, जीवन)

4. तुम......... की .......... हो। (जगत, ज्‍योति)

5. निरन्‍तर ......... में लगे रहो (प्रार्थना)

6. यीशु ने कहा जीवन की .............. मैं ही हूं। (रोटी)

7. यहोवा का भय मानना ............ का मूल है। (बुद्धि‍)

8. आपस में एक दूसरे से......... रखो। (प्रेम)

9. आत्‍मा का ....... प्रेम, आनन्‍द, शान्ति, धीरज, दयालुता, भलाई, विश्‍वस्‍तता, नम्रता एवं संयम है। (फल)

10. परमेश्‍वर के समस्‍त ........... (‍हि‍थयार) धारण करो जिससे तुम बुरे दिन का सामना कर सको और सब कुछ पूरा करके स्थिर रह सको। अतः सत्‍य से अपनी ......... (कमर) कसकार और धार्मिकता की ........ (झिलम) पहनकर .......... (पावों) में........(मेल) की तैयारी के ...........(जूते) पहनकर स्थिर रहो। इसके अतिरिक्‍त विश्‍वास की ........(ढाल) लिये रहो जिससे उस दुष्‍ट के सब.........(तीरों) को बुझा सको। और उद्धार का ........(टोप) आत्‍मा की ............. (तलवार) जो परमेश्‍वर का वचन है ले लो।

 
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