| पद पूरे करें व सन्दर्भ सहित बताएं |
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| Written by डॉ. श्रीमती इन्दु लाल | |||
| Tuesday, 09 February 2010 12:29 | |||
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1. तब पतरस ने कहा चांदी और सोना तो मेरे पास नहीं है; परन्तु जो मेरे पास है, वह तुझे देता हूं: यीशु मसीह नासरी के नाम से चल-फिर (प्रेरितों के काम 3:6) 2. तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह जानते हो, कि वह धनी होकर भी तुम्हारे लिए कंगाल बन गया ताकि उसके कंगाल हो जाने से तुम धनी हो जाओं। (2कुरिन्थियों 8:9) 3. क्योंकि पाप की मज़दूरी तो मृत्यु है परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु में अनन्त जीवन है। (रोमियों 6:23) 4. क्योंकि दाम लेकर मोल लिये गये हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो। (1 कुरिन्थियों 6:20) 5. कि इतने में एकाएक बड़ा भुईडोल हुआ, यहां तक कि बन्दीगृह की नेव हिल गई, और तुरन्त सब द्वार खुल गये। (प्रेरितो के काम 16:26) 6. हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओं क्योंकि तुम जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है। (1 कुरिन्थियों 15:58) 7. कौन हमको मसीह के प्रेम से अलग करेगा क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार ? (रोमियो 8:35) 8. यहोवा परमेश्वर ने कहा आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं, मैं उसके लिये एक ऐसा सहायक बनाऊंगा जो उससे मेल खाए। (उत्पत्ति 2:18) 9. हे शमूएल, शमूएल उठकर एली के पास गया और कहा- क्या आज्ञा तू ने मुझे पुकारा। (1 शमूएल 3:6) 10. यदि वह तुझे फिर पुकारे तो कहना- हे यहोवा कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है। (1 शमूएल 3:9) 11. दाऊद ने पलिश्ती ने कहा, तू तो तलवार और भाला लेकर मेरे पास आता है, परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं। (1 शमूएल 17:45) 12. तू जाकर, यरदन में सात बार डुबकी मार तो तेरा शरीर ज्यों का त्यों हो जाएगा। (2 राजा 5:10) 13. हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया। (भजन संहिता 22:1) 14. क्या ही धन्य है, वह पुरूष, जो दुष्टों की युक्ति पर नहीं चलता। (भजन संहिता 1:1) 15. हे सारी पृथ्वी के लोगों- यहोवा का जय जयकार करो। (भजन संहिता 100:1) 16. बूढ़ों की शोभा उनके नाती पोते हैं, और बाल बच्चों की शोभा उनके माता पिता है। (नीतिवचन 17:6) 17. तब यिशै के ठूंठ में से एक डाली फूट निकलेगी- और उसकी जड़ में से एक शाखा निकलकर फलवन्त होगी। (यशायाह 11:1) 18. मत डर क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं। (यशायाह 41:10) 19. अहो सब प्यासे लोगो, पानी के पास आओं और जिनके पास रूपया न हो तुम भी आकर मोल लो और खाओ। (यशायाह 55:1) 20. कि यहूदियों का राजा जिस का जन्म हुआ है, कहां है? क्योंकि हमने पूर्व में उसका तारा देखा है, और उसे प्रणाम करने आए हैं। (मत्ती 2:2) 21. जंगल में एक पुकारनेवाले का शब्द हो रहा है, कि प्रभु का मार्ग तैयार करो, उसकी सड़कें सीधी करो। (मत्ती 3:3) 22. यह आकाशवाणी हुई, कि यह मेरा प्रिय पुत्र है जिससे मैं प्रसन्न हूं। (मत्ती 4:4) 23. लिखा है कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा। (मत्ती 4:4) 24. उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है बड़ाई करें। (मत्ती 5:16) 25. तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। (यूहन्ना 14:1) 26. स्वर्गदूत ने उससे कहा, हे मरियम; भयभीत न हो, क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह तुझ पर हुआ है। और देख तू गर्भवती होगी, और तेरे एक पुत्र उत्पन्न होगा; तू उसका नाम यीशु रखना। (लूका 1:30) 27. तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया और कहा- स्वामी, स्वामी हम नाश हुए जाते हैं; तब उसने उठकर आन्धी और पानी को डांटा और वे थम गए। (लूका 8:24)
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