दैनिक मनन

  • भाईचारे की प्रीति
    भाईचारे की प्रीति ‘‘उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई परमेश्‍वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे’’। (1 यूहन्‍ना 4:21)अपने मसीही जीवन से हम प्रेम की ओर बढ़ रहे है क्‍योंकि परमेश्‍वर...

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अभिनय करो-2 PDF Print E-mail
Written by डॉ. श्रीमती इन्‍दु लाल   
Friday, 05 February 2010 15:32

1. मरियम           - मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है
2. शमूएल           - घुटने टेककर प्रार्थना करना
3. दाऊद             - वीणा बजाना
4. नूह                - जहाज ठोंककर बनाना
5. यीशु मसीह       - पांच रोटी और दो मछली के लिए प्रार्थना
6. गड़रिये            - घुटने टेकर भेंट चढ़ाना
7. नूह                - कौआ उड़ाना
8. दाऊद             - गोफन से मारना
9. यीशु मसीह       - क्रूस पर चढ़ाया जाना
10. मूसा बालक     - टोकनी में रखकर ले जाना

 
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