| तात्कालिक टिप्पणी के विषय |
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| Written by डॉ. श्रीमती इन्दु लाल | |||
| Friday, 05 February 2010 10:53 | |||
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1. वर्तमान राजनैतिक परिस्थितियां और मसीही समाज पर सताव। 2. फैशन और मसीही जीवन की सीमाएं। 3. समाज के प्रति मेरी अपनी क्या ज़िम्मेदारी है? 4. आपका आदर्श- कौन और क्यों? 5. धर्म को कैसे परिभाषित करेंगे? 6. गर्भपात के विरोध में हम क्या कर सकते हैं? 7. रिश्वत देना- कितना, कहां तक उचित और कब अनुचित। 8. आमदनी और खर्च में सामंजस्य आवश्यक। 9. मसीही समाज पर लगाए जा रहे आरोपों के लिये हमारी क्या प्रतिक्रिया होना चाहिए। 10. धर्मान्तरण- कहां तक उचित और कब अनुचित? 11. अर्न्तजातीय विवाह से क्यों बचना है? 12. महानतम आदेश का पालन क्यों करना है? 13. संसार से मित्रता करना परमेश्वर के साथ शत्रुता करने की बात क्यों है (याकूब 4:4-5) ? समझाए। 14. हर बात में धन्यवाद कैसे दे सकते हैं? उसके व्यवहारिक लाभ भी बताएं। 15. ‘‘क्षमा’’क्यों अपरिहार्य है? 16. मसीही आचरण व्यवहारिक रूप में कैसे सम्भव है? 17. किन गुणों के आधार पर आप किसी को एक अच्छा दोस्त मानेंगे? 18. पुरानी मान्यताएं एवं परम्पराएं कितनी लाभदायक कितनी हानिकारक? 19. बेरोज़गारी के प्रमुख कारण। 20. अकेलेपन से कैसे बचें? 21. कलीसिया की एकता और पवित्रता को बनाएं रखने के लिए सुझाव दें। 22. आत्मिक जीवन में अनुशासन का महत्व बताएं। 23. मसीही बढ़ते हुए सताव का सामना कैसे करें? 24. युवाओं में धर्म के प्रति बढ़ती अरूचि। 25. नशीले पदार्थो के बढ़ते सेवन के कारण। 26. युवाओं में घटते जीवन मूल्य।
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