दैनिक मनन

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    सम्‍पूर्ण विश्‍वासयोग्‍यता ज़रूरी है‘‘अब्राम मिस्‍त्र देश को चला गया कि वहां परदेसी होकर रहे- क्‍योंकि देश में भयंकर अकाल पड़ा था’’। (उत्‍पत्ति‍ 12:7-20)इब्राहीम परमेश्‍वर पर विश्‍वास करता...

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अवसर PDF Print E-mail
Written by लेखक मण्‍डल   
Friday, 23 October 2009 12:09
अवसर

‘‘यदि तू भला करे, तो क्‍या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार  पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी ओर होगी, तू उस पर प्रभुता करेगा’’। (उत्‍पत्ति‍ 4:1-8)

हमारा परमेश्‍वर ह्रदय जाचंने वाला और सच्‍चाई से की जाने वाली भक्ति से प्रसन्‍न होने वाला परमेश्‍वर है। य‍दि मनुष्‍य का हॄदय कपट जलन, डाह और घमण्‍ड से भरा हुआ हो तो उसकी आराधना परमेश्‍वर को स्‍वीकार्य नहीं होती। परमेश्‍वर धन्‍यवादी, कृतज्ञ, नम्र औद दीन हॄदय से की जाने वाली भक्ति से प्रसन्‍न होता है।

जिस प्रकार यहां परमेश्‍वर ने कैन को उसकी ग़लती बतायी और उस ग़लती को सुधारने के लिए उसे प्रोत्‍साहित भी किया उसी प्रकार वचन बार-बार हमारे जीवन की कमज़ोरी का अहसास हमें कराता है। साथ ही उस कमज़ोरी को दूर करने के लिए हमें प्रोत्‍साहित करता है और उपाय भी बताता है। क्‍या हम भी कैन के समान स्‍वयं को सुधारने से इंकार करते है? क्‍या हम परमेश्‍वर के द्वारा दिये जाने वाले सुधरने के अवसर को अपनी कठोरता के कारण ठुकराते हैं? क्‍या हम कैन समान जलन, ईर्ष्‍या  और क्रोध को स्‍वयं में इतना पनपने देते हैं कि वे हम पर इतने हावी हो जाएं कि हमारा स्‍वयं पर कोई नियंत्रण ही न रह जाए और हम ऐसी ग़लती अपने जीवन में कर बैठें जिसका कोई प्रायश्चित ही न हो। बाईबिल में हर बार स्‍पष्‍ट किया गया है कि केवल बुरा न करना बड़ी बात नहीं यदि हम कुछ भला न कर रहे हों। झूठ न बोलना बस नहीं यदि हम सच न बोलें। चोरी न करना ठीक है परन्‍तु भले कामों के लिए परिश्रम करना आवश्‍यक है। गन्‍दी बातें मुंह से नहीं निकालना पर्याप्‍त नहीं आवश्‍यकता के अनुसार ऐसा बोलना भी ज़रूरी है जो दूसरों की उन्‍नति के‍ लिए उत्‍तम हो और जिससे सुनने वालों पर अनुग्रह हो। खाली दिमाग को शैतान का घर कहा गया है। मात्र बुराई न करना अच्‍छाई की कसौटी नहीं जब तक हम ऐसे भले कार्यो में संलग्‍न न हों जिनसे दूसरों का कुछ भला हो।

प्रार्थना- हे पिता परमेश्‍वर, हमें ऐसी समझ और बुद्धि‍ दे कि हम ईमानदारी से अपनी कमज़ोरियां स्‍वीकार कर समय रहते उन्‍हें अपने जीवन से दूर कर सकें। आमीन।
Last Updated on Friday, 30 October 2009 11:17
 
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